अल्फा पीढ़ी की स्त्री : भविष्य की आवाज़
अल्फा पीढ़ी की स्त्री : भविष्य की आवाज़ (2013 के बाद जन्मी पीढ़ी) बुनियादी चिंतन: बालिका से वामा — स्तंभ 40 हर पीढ़ी अपने समय की पहचान होती है। किसी ने स्वतंत्रता का स्वप्न देखा, किसी ने औद्योगिक विकास का, किसी ने वैश्वीकरण का और किसी ने डिजिटल क्रांति का। अल्फा पीढ़ी की बालिकाएँ उस संसार में जन्मी हैं जहाँ इंटरनेट, स्मार्ट उपकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल शिक्षा जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं। वे तकनीक सीख नहीं रही हैं, वे उसके बीच अपना व्यक्तित्व गढ़ रही हैं। इसलिए उन्हें केवल डिजिटल पीढ़ी कहना पर्याप्त नहीं होगा। वे उस भविष्य की पहली स्त्री पीढ़ी हैं जहाँ मनुष्य और मशीन साथ मिलकर जीवन की दिशा तय करेंगे। असली प्रश्न यह होगा कि तकनीक के बीच वे स्वयं को कितना जान पाती हैं। अल्फा गर्ल का बचपन भी पिछली पीढ़ियों से अलग है। उसके खिलौनों में गुड़िया और किताब के साथ रोबोट हैं। खेल के मैदान के साथ डिजिटल गेम हैं और पढ़ाई के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित साधन। वह दुनिया के किसी भी कोने की जानकारी कुछ क्षणों में पा सकती है और अपनी प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुँचा सकती है। लेकिन स...