बालमन, प्रकृति और संवेदना का सुंदर संसार : ‘देखा एक सपना’
बालमन, प्रकृति और संवेदना का सुंदर संसार : ‘देखा एक सपना’ डॉ कल्पना दीक्षित सुप्रसिद्ध लेखिका कल्पना मनोरमा जी के सद्यः प्रकाशित बाल-कहानी संग्रह "देखा एक सपना" में दस से अधिक कहानियाँ संकलित हैं। बच्चों में जिज्ञासा जगाना, प्रश्न पूछने की क्षमता विकसित करना, अनुशासन, समस्याओं के समाधान की ओर बढ़ने की ललक, सीखने के लिए मस्तिष्क को उत्प्रेरित करना, विधि और निषेध में अंतर समझने की योग्यता बढ़ाना तथा आपसी सम्मान बनाए रखना—इन कहानियों के माध्यम से संभव होता है। प्रकृति की प्रत्येक इकाई मिलकर समष्टि का निर्माण करती है और समष्टि में ही सुख निहित है, जबकि एकांत में अध्ययन योग्यता-वर्धक सिद्ध होता है। "देखा एक सपना" कहानी दो मानवेतर इकाइयों का संवाद है। बुलबुल और पेड़ के संवाद में समझ और संवेदना विन्यस्त है। लेखिका ने पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग बड़ी चातुरी से किया है। यहीं बच्चों के मस्तिष्क में व्यापकता का संधान होता है। पेड़ के कई नाम हैं—पादप, तरु, वृक्ष आदि। यहाँ मेधा के बहुआयामी होने का बीज-वपन है। घोंसला बनाने की सामग्री और श्रमसाध्य प्रक्रिया को कहानी म...