मैं अपने प्रेम में हूँ

मैं अपने प्रेम में हूँ ।। कल्पना मनोरमा 

जो बात कहने जा रही हूँ,
देखो—तुम चौंकना मत
हालाँकि, यह बात
कुछ चौंकाने जैसी ही है।

हो सकता है तुम्हें
यह उतनी खास न लगे,
मगर बड़ी कठिनाई से समझ आई है 
यह बात मुझे
इसीलिए बेहद खास है
मेरे लिए

बात ये है कि
मैं अपने प्रेम में हूँ

यही विशेष है,
और यही मुझमें अपने भर 
बचाए हुए है शेष

जब मन में जीने का भाव उठा,
तभी यह विचार भी
पहले-पहल आया

खुद से प्रेम करना माने
ज़िंदा बने रहना 
या ज़िंदा रहने के लिए
खुद से प्रेम करना…

इसका मतलब नहीं पता
बस इतना जान गई हूँ 
कि मैं अपने प्रेम में हूँ
और यह जान लेना ही
मुझे राहत दे रहा है।

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