अप्रैल एक


 


दिन गिने जायेंगे वे भी मेरी जिंदगानी में,जिया नहीं था जिन्हें हमने,

अप्रैल एक को कैसे कहें मूर्ख हम जब होश आया हो आज ही हमको।

 


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